इससे पहले वाले पोस्ट में आप लोगो ने पड़ा था (खतना और स्वास्थ)
मेने हिंदी के बहुत से ऐसे ब्लॉग पढ़े जिसमे खतना क्यों न कराये उस पे लेख थे।वहां मुझे कोई ठोस तर्क तो नही मिला पर खतना की अलग अलग परिभाषा मिली।कुछ ने लिखा था मुल्ले 4 cm लिंग काटते हैं,किसी ने लिखा था 4 इंच काटते हैं।किसी ने लिखा था के लिंग 1/2 काट देते हैं।
तो उन भाइयों के लिए मेरा जवाब के मेरे भोले भाले मासूम भाइयों खतना में लिंग आधा सेंटीमीटर भी नही काटते।खतना में सिर्फ लिंग के आगे के हिस्से की ऊपर की चमड़ी काटते हैं।और ऐसा क्यों करते हैं ये में आपको आगे के प्रशनो में बताऊंगा।
लेकिन अगले सवाल से पहले मै ये सोचता हूँ क्या वाक़ई इन लोगो को ये नही पता के खतना क्या होती हे।अब इसमें दो बातें हो सकती हैं या तो उन्हें पता हे पर वो जान बूझकर इस्लाम की बातों को बढ़ा चढ़ाकर इस तरह लिखते हैं के पढ़ने वाले के दिमाग में इस्लाम को लेकर घ्रणा और नफरत भर जाये।या ऐसा होता हे के उन्हें वाक़ई कुछ पता नही होता तो भाई पहले इस्लाम के बेसिक्स तो जान लो।
जब आपको जोड़ घटाउ ही सही नही आता तो आप mathematician बन ने का दावा क्यों करते हैं।और ये बात तो लॉजिक से भी पता चलती हे के हम अपनी बीमारी के इलाज के लिए इंजीनियर के पास न जाके डॉक्टर के पास जातें हे क्योंके ये इंजीनियर का कामे है ही नही।इसलिए अगर आपको इस्लाम के बारे में जानना हे तो क़ुरान पढ़े अगर उस में कुछ समझ नही आये तो किसी मुस्लिम विद्वान से पूछें।
वरना एक विशेष समाज के लोग जो दावा करते हैं के वो मूर्ति पूजा के खिलाफ हैं लेकिन सच्चाई ये हे के मूर्ति पूजा उनके हिर्दय पे इतनी रच बस गयी हे के वो ईश्वर को अपने जैसा ही समझने लगें हैं।और इसीलिए जब क़ुरान वह अल्लाह के देखने उसके हाथों का या उसके तखत पे विराजमान हे।तो उनके दिमाग में ये सब ही आता हे के अगर अल्लाह देखता हे तो तो उसकी आँखें भी होनी चाहिए अगर उसकी एक आँख हे तो दूसरी को क्या हुआ , अगर आँखे हे तो दिमाग भी होगा जिसमेoccipital cortex भी होगा जिसमे इमेज बनती हे।या वो तखत कोनसी लकड़ी का बना हे जिसपे अल्लाह बैठता हे।तो अगर आप अल्लाह को अपने जैसा समझेंगे तोहि ये सवाल आपके सामने आएंगे।जब के खुद अल्लाह ने सूरह इखलास में फरमा दिया कि कोई उसके जैसा नही हे।तो अल्लाह के बारे में बोलने से पहले इस्लाम की थोड़ी बहुत समझ तो होनी ही चाहिए।खैर इस विषेय पे फिर कभी पूरा पोस्ट लिखूंगा अभी आज के विषेय पे वापस आते हैं।
2)खतना करने के क्या फायदे हैं?
वेसे तो हमने इस विषेय पर पूरा अलग से एक पोस्ट डाला हे।
पर फिर भी हम यहाँ संशिप्त में आपको दोनों बता देते हैं कि खतना करने से क्या फायदा और न करने से क्या नुकसान हे।
1)पहले देखते हैं खतना न कराने से क्या नुकसान हे।
1-UTI या मूत्र मार्ग का संक्रमण का खतरा 12 गुना बढ़ जाता हे।हर 3 में से 1 पुरुष जिनकी खतना नही हुई होती,उनको अपनी ज़िन्दगी में कभी न कभी UTI होता हे।
2-UTI से होने वाली बहुत सी complications (किडनी फेलियर,meningitis,bone marrow infection) की वजह से बच्चे की पहले वर्ष में मृत्यु की सम्भावना बढ़ जाती हे।
3-हर 400 से 900 में से एक पुरुष जिसकी खतना नही हुई होती उसको लिंग कैंसर हो जाता हे।उनमे से 1/4 की तो मौत हो जाती हे और बाकियों को partial or complete penile amputation कराना पड़ता हे।जब के ये खतरा उन पुरुषो में जिनमे खतना हुई होती हे उनमे ना के बराबर हे।
4-प्रोस्टेट कैंसर का 50% से 100% तक ज़्यादा खतरा।
5-लिंग की त्वचा की सूजन और संक्रमण का 3 गुना ज़्यादा खतरा।
glans),posthitis(inflammation of foreskin), balanoposthitis(inflammation of both glans and foreskin), phimosis(लिंग के आगे की चमड़ी का ऊपर न चढ़ पाना), paraphimosis(लिंग की चमड़ी के ऊपर चढ़ने के बाद नीचे न उतरना) आते हैं।8 वर्ष तक की आयु के 18% बच्चे जिनकी खतना नही हुई होती को कभी न कभी ये बीमारियां हो सकती हे हालाँकि ये बीमारियां उन बच्चों में जिनकी खतना हुई होती हे में न के बराबर हे।
6-STI(योन रोग) जैसे HPV,genital herpes, syphilis, chancroid, trichomonas vaginalis, thrush होने का खतरा 2-4 गुना बढ़ जाता हे।
7- उनकी पत्नियों में सर्वाइकल कैंसर, genital herpes, trichomonas vaginalis, bacterial vaginosis और Chlamydia संक्रमण होने का खतरा 5 गुना ज़्यादा बढ़ जाता हे।
2)अब बात करते हैं खतना कराने के फायदों की
1-लिंग ज़्यादा साफ़ सुथरा रहता हे।
2-UTI का खतरा बहुत कम ही जाता हे।
3-heterosexually HIV AIDS होने का खतरा बहुत कम हो जाता हे।
4-कहा जा सकता हे के invasive कैंसर ऑफ़ पेनिस का खतरा लगभग बिलकुल नही रहता।
5- प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी थोडा कम हो जाता हे।
6- पत्नी में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बहुत कम हो जाता हे।
अगर आपको मेरी कोई बात सही न लगी हो या आपको कोई बात समझ न आई हो तो इससे पहले वाला पोस्ट (खतना और स्वास्थ) ज़रूर पढ़ें।
3)अगर खतना इतना फायदेमंद हे तो ज़्यादातर लोग खतना क्यों नही करते?
30% मर्द पूरी दुनिया के खतना करा चुके हैं।(World, 2008b]. This figure was based on the most detailed analysis to date, carried out by the World Health Organization (WHO) in 2007, and is a minimum estimate)
हर मिनट 25 खतना पूरी दुनिया में होते हैं।(Hammond 1999)
अमेरिका में, खतना पुरुषों में सबसे आम आपरेशन हे[Niku एट अल।, 1995]
2010 में हुए एक अध्यन के अनुसार 86% माता पिता अपने नवजात बच्चों की खतना के पक्ष में थे।(wang et al ;2010)
हर साल 100000 यहूदी 10 मिलियन मुस्लिम खतना कराते हैं।
यह 5000 साल पहले प्राचीन मिस्र के लेखन और चित्रों में भी दर्शाया गया था।
यूरोप के पाषाण काल (38,000 से 11,000 years BCE) में भी इसका बहुत्य उलेख हे।[Angulo & García-Díez, 2009].
खतना मुहम्मद सल्ल ् से भी बहुत पहले से उत्तरी अफ्रीका और एशिया के गैर यहूदी निवासियों द्वारा अभ्या
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कुरान मे कहाँ लिखा है की खतना करो ??
Jag Raturi ji अगर आप कुरान को पढ़ते तो आपको मिल जाता की कुरान मे इसका हुक्म कहाँ लिखा है। कुरान मे आता है:
फिर अब हमने तुम्हारी (हज़रत मुहम्मद) ओर प्रकाशना की, "इबराहीम के तरीक़े पर चलो, जो बिलकुल एक ओर का हो गया था और बहुदेववादियों में से न था।" [16:123]
ऐसा हुक्म कुरान मे और भी कई जगह मौजूद है जैसे 2:135, 3:95
इसके अतिरकित कुरान मे आता है ,” कह दो, "यदि तुम अल्लाह से प्रेम करते हो तो मेरा अनुसरण करो, अल्लाह भी तुमसे प्रेम करेगा और तुम्हारे गुनाहों को क्षमा कर देगा। अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है।" [3:31]
ऊपर की आयात से मालूम चला की कुरान हमे आदेश दे रहा है की दीन ए इब्राहिमी की सुन्नतों का अनुसरण मुसलमान के दीन का हिस्सा है। और हाजत मुहम्मद )स) ने इसी आयात पर अमल करकर अपनी उम्मत मे भी हज़रत इब्राहीम की सुन्नतों को जारी फरमाया। खतना भी उनमे से एक सुन्नत है। यही कारण है हज़रत इब्रहीम को नबी मानने वाले यहूदी भी खतना करते है। बाइबल मे भी यही हुक्म मौजूद है ।
Then God said to Abraham, “As for you, you must keep my covenant, you and your descendants after you for the generations to come. This is my covenant with you and your descendants after you, the covenant you are to keep: Every male among you shall be circumcised. You are to undergo circumcision, and it will be the sign of the covenant between me and you. [The Covenant of Circumcision, Genesis 17]
आपने सुना होगा की इस्लाम धर्म के दो स्त्रोत है
1 कुरान 2 सुन्नत
इसलिए कुरान पर अमल करकर हम हज़रत इब्राहीम की सुन्नत को फॉलो करते है क्योंकि इसका आदेश कुरान ने हमे दिया है और नबी ए करीम हज़रत मुहम्मद (स) से इसे अपनाया है।
बुखारी की यह हदीस है-
अबू हुरैरा रिवायत करते हैं कि मैंने पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. से यह कहते हुए सुना है कि ये पांच आदतें फितरत का हिस्सा रही हैं-खतना कराना, शर्मगाहों के बाल काटना, मूंछे छंटवाना, नाखून काटना और बगल के बाल काटना। (बुखारी, बुक-72, हदीस-779)
पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. ने फरमाया-पैगम्बर इब्राहिम अलै. ने खुद अपना खतना किया, उस वक्त उनकी उम्र अस्सी साल थी। (बुखारी, मुस्लिम, अहमद)
अब देखते है खतना कराने के फायदे और ना कराने का नुकशान
खतना के फायदे
Mayo clinic ने भी अपने नए अध्यन में पाया के नवजात बच्चों के खतना करने के फायदे उसके ऑपरेशन से हो सकने वाले खतरों से बहुत ज़ुडा हैं।
https://www.elsevier.com/connect/circumcision-benefits-far-outweigh-risks-finds-study-in-mayo-clinic-proceedings
किसुमु,केन्या में हुए एक randomized controlled trial का भी नतीजा यह निकला के खतना HIV के खतरे को काफी हद तक खत्म कर देता हे।उचित, सरक्षित, सस्ती खतना सेवाओं को अन्य HIV निवारक उपायों के साथ एकाकृत कर देना चाहिए और इसे यथासंभव शीघ्रता से उपलब्ध करना चाहिए।
http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/17321310
ज़्यादा जानकारी जे लिए निचे दिए लिंक पे क्लिक करे
http://www.circinfo.net/hiv_the_aids_virus.html
कुल मिला के अमेरिका में 1930 से 1990 में 50000 केस लिंग के कैंसर के सामने आये हैं ।उनमे से 10000 लोगो की इस कैंसर की वजह से मौत हो गयी।इन में से सिर्फ 10 की खतना हुई थी।
[Shoen.,1991]और ये 10 भी वो लोग थे जिनकी खतना काफी बाद में हुई थी।
आज urological surgeons के इस बात के भारी सबूत देने के बावजूद के लिंग का कैंसर एक घातक बीमारी हे और खतना करके उससे बचा जा सकता हे, कुछ चिकित्सक अभी भी बेहद भावनात्मक और आक्रमक रूप में नवजात खतना का विरोध करते हैं [Dagher et al .,1973]
http://www.circinfo.net/cancer_of_the_penis.html
)प्रोस्टेट कैंसर
खतना हमे प्रोस्टेट कैंसर से भी बचता हे ज़्यादा जानकारी के लिए निचे दिए लिंक पे क्लिक करें।
http://www.circinfo.net/prostate_cancer.html
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प्रशन~ महिलाओं की खतना क्यों करते हैं।
उत्तर~कुरआन में खतना का ज़िक्र नहीं, दीने इबराहीम abrahamic religions अर्थात यहूद, इसाई और मुसलमान में आखरी पेगम्बर मुहम्मद सल्ल. ने इस्लाम में पिछले धर्मों की जिन अच्छी बातों को जारी रखा उनमें एक मर्दों की खतना है,
महिलाओं की खतना का ज़िक्र सही अहादीस में नहीं मिलता, जिन हदीसों को कमजोर हदीस माना गया है उनसे पता चलता है कि उस दौर में जिस व्यक्ति को बुरे अंदाज में पुकारना होता था तो कहा जाता था कि ''ओ महिलाओं की खतना करने वाली के बेटे'' अर्थात अच्छी बात नहीं समझी जाती थी, लगभग सभी बडे मुस्लिम इदारों को इसको ना मानने पर इत्तफाक है इसी कारण यह केवल इधर उधर छोटी मोटी जगह पर कमजोर हदीसों पर अडे हुए या उनको इलाकाई रस्म व रिवाज पर अड़े हुए लोगों जैसे की अफ्रीका आदि की सोच का नतीजा है, इंडिया पाकिस्तान बंग्लादेश यहां तक की अरब में भी यह बात मुसलमान भी नहीं जानते, जानने पर हैरत का इजहार करते हैं, इस लिए कुछ अड़े हुए लोगों की सोच का जिम्मेदार पूरी कौम को नहीं माना जा सकता, इधर कोई बुरी प्रथा नहीं जैसे कि सती प्रथा जिसे जबरदस्ती छूडवाया गया,
फिर भी जिसको यह बुरी प्रथा लगे वो मुस्लिम संस्थाओं की इस बात को फैलाए की इस बात को कमजोर हदीस का माना गया है इस लिए छोड दें
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